...is "Celebrating (un)Common Creativity!" Fan fiction, artworks, extreme genres & smashing the formal "Fourth wall"...Join the revolution!!! - Mohit Trendster

Saturday, January 26, 2013

Republic Day Ad (Pagli - Fiction Comics)


A Republic Day Message by Pagli (Fiction Comics)

- Mohit Sharma

Friday, January 25, 2013

वो कोई पीर रहा होगा... (Netaji Subash Chandra Bose Tribute)


A Tribute to Netaji Subash Chandra Bose 

ग़ुलामी के साये मे जो आज़ाद हिन्द की बातें करता था ...
किसी दौर मे खून के बदले जो आज़ादी का सौदा करता था ...
बचपन मे ही स्वराज के लिये अपनों से दूर हुआ होगा ...
बस अपनी सोच के गुनाह पर जो मुद्दतों जेल गया होगा ...
वो कोई पीर रहा होगा ....

क्या बरमा ...अंडमान  ..
क्या जर्मनी ...जापान ...
शायद ये जहाँ था उसके लिए छोटा ...
किसी दौर ने गोरो पर बंगाली जादू चढ़ते देखा होगा ..
फरिश्तो ने जिसका सजदा किया होगा ....
वो कोई पीर रहा होगा ....

अंदर सरपरस्त साधू .... बाहर पठान का चोगा ...
खुद की कैद को उसने अपनी रज़ा पर छोड़ा था ..
अंग्रेजो की आँखों का धोखा  ....
कहाँ ऐसा हिन्द का हमनवां होगा ..
वो कोई पीर रहा होगा ...

जहान को कुछ बताने ..रविन्द्र सी ग़ज़ल सुनाने ...
या शायद धूप-छाँव का हिसाब करने ज़मी पर यूँ ही आ गया ..
न उसके आने का हिसाब था ..और न जाने का ...
और कहने वाले कहते है वो 1945 के आसमां मे फ़ना हो गया ...
काश रूस पर सियासी बर्फ़ न जमा होती ...
अगर ये बात सच होती तो अनीता-एमिली की आँखों ने दगा दिया होगा ...
गाँधी से जीतकर भी जिसने महात्मा को जिया होगा ...
वो कोई पीर रहा होगा ...

वाकिफ जिंदगी मे जो कभी रुक न सका ....
गुमनामी मे दरिया पार किया होगा ...
दूर कहीं या पास यहीं कितनी मायूसी मे मुल्क को जीते-मरते देखा होगा ...
आज़ाद होकर अपने ज़हन से दूर हुआ होगा ...
 वो कोई पीर रहा होगा...


 वो कोई पीर रहा होगा...

Tuesday, January 22, 2013

Wow! A Sanskrit Ashram/School

 

'Sarvoday Sanskrit Ashram' in Baghpat, Uttar Pradesh (India). Near the birth place of Luv-Kush (Village Baleni).
- Mohit

Sunday, January 6, 2013

मंद है यह समाज! Kavya Comic (Advertisement)

मंद है यह समाज! Kavya Comic (Advertisement) with a shayari, experimental manual coloring here. *Art - Soumendra.
कहते है वो की मै दुनिया की दौड़ के काबिल नहीं .. .
कुछ माखौल उड़ाते है तो कुछ को तरस आता है ..
कैसी यह दौड़ है जिसमे पैसो के लिये भावनाओं को कुचला जाता है?
नहीं दौड़ना तुम्हारे साथ ...मै तुमसा क़ातिल नहीं।

तेज़ तन पर गुमान करने वालो ..एक सौदा करलें आओ,
मेरा साफ़ मन भी ले लो ...बदले मे मुझे एक खूबसूरत जहान देते जाओ। 

- Mohit Sharma


Saturday, January 5, 2013

Janta Robots Zindabad!!

llll Janta Robots llll **Black Comedy-Satire** Ye ek satire hai India k adhiktar politicians par jo janta virodhi activities karne k baad bhi press conferences-public appearances mey janta k hiteshi bane rehte hai...doosro k dard, dukh par rajneeti karte hai, bina soche samjhe aag mey ghee daalne jaise bayaan de dete hai....rajneeti mey aane se apni maut tak rajneeti hi karte rehte hai...iska udeshya kisi ko thes pahunchana bilkul nahi hai. - Mohit Sharma (Trendster/Trendy Baba) with artist Dheeraj DK Boss





Friday, January 4, 2013

The Environmentorial (Newspaper)

Namastey! :) So, This is my third newspaper after The Indus Litmus and World Comics & Graphic Novel News (WCGNN) - (thanks to paper.li website) Below is the paper weblink.